Rajasthan DigiFest: जयपुर से निकली डिजिटल भारत की नई दिशा

 जयपुर अब केवल विरासत और पर्यटन का शहर नहीं रहा। Rajasthan DigiFest 2026 ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि राजधानी तेजी से एआई, स्टार्टअप और डिजिटल इकोनॉमी के नए केंद्र के रूप में उभर रही है। सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित इस तीन दिवसीय आयोजन ने राजस्थान को तकनीकी नवाचार के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से स्थापित कर दिया।

इस समिट का सबसे महत्वपूर्ण संदेश रहा—एआई का लोकतंत्रीकरण। यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल बड़ी कंपनियों या चुनिंदा देशों तक सीमित न रहे, बल्कि आम नागरिक, स्टार्टअप और छोटे उद्यम भी इसका लाभ उठा सकें। फायरसाइड चर्चाओं में यह बात उभरकर सामने आई कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एआई नेतृत्व की दिशा तय करने की स्थिति में है।

डेटा से विकास तक की यात्रा

डिजीफेस्ट में हुई चर्चाओं ने यह साफ किया कि आने वाले समय में डेटा केवल तकनीकी संसाधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा के रूप में देखा जाएगा। ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्किलिंग और एप्लीकेशन—पूरे एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया। यह दृष्टिकोण बताता है कि भारत अब दीर्घकालिक रणनीति के साथ डिजिटल भविष्य की नींव रख रहा है।

राजस्थान का बदला हुआ दृष्टिकोण

राज्य सरकार की पहलें यह संकेत देती हैं कि राजस्थान अब परंपरा और प्रौद्योगिकी के बीच संतुलन साधने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एआई-एमएल पॉलिसी 2026, स्टार्टअप सपोर्ट सिस्टम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का शुभारंभ केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि नीतिगत प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं। इससे युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप्स को पूंजी और प्रशासन को बेहतर निर्णय क्षमता मिलने की उम्मीद है।

निवेश और नवाचार का संगम

डिजीफेस्ट के दौरान 200 करोड़ रुपए से अधिक के संभावित निवेश और 100 करोड़ रुपए के फंड ऑफ फंड्स की घोषणा यह दर्शाती है कि राजस्थान निवेशकों के भरोसे पर खरा उतरने लगा है। स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, नेटवर्किंग और वैश्विक मंच से जोड़ने की यह पहल राज्य की आर्थिक दिशा को नया आयाम दे सकती है।

युवाओं के लिए अवसरों की खिड़की

कॉमिककॉन, गेमिंग और एआई प्रतियोगिताओं में युवाओं की भागीदारी ने यह साबित किया कि डिजिटल क्रिएटिविटी अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रही। 8,000 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि राजस्थान की युवा पीढ़ी तकनीक को अपनाने और नेतृत्व करने के लिए तैयार है।

Rajasthan DigiFest 2026 केवल एक तकनीकी आयोजन नहीं, बल्कि भविष्य की सोच का मंच बनकर उभरा है। जयपुर से उठी यह डिजिटल लहर अगर इसी गति से आगे बढ़ी, तो आने वाले वर्षों में राजस्थान न केवल भारत, बल्कि वैश्विक डिजिटल इकोनॉमी में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। यह अवसर है—तकनीक को समावेशी बनाने का, नवाचार को प्रोत्साहित करने का और भारत को एआई युग में अग्रणी बनाने का।

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