गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी: ‘बिस्मिल’ किस्म को चार राज्यों में खेती की मंजूरी

 




नई दिल्ली।
देश के गन्ना किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। अब तक केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित रही गन्ने की उन्नत किस्म ‘बिस्मिल’ को चार और राज्यों में उगाने की मंजूरी दे दी गई है। इसके तहत अब हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और राजस्थान के किसान भी इस किस्म की खेती कर सकेंगे।

‘बिस्मिल’ किस्म को उत्तर प्रदेश गन्ना अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित किया गया है। इस किस्म का नाम स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल के सम्मान में रखा गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह किस्म बेहतर उत्पादन और अधिक चीनी रिकवरी के कारण किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकती है।

अनुसंधान के आंकड़ों के मुताबिक ‘बिस्मिल’ गन्ने की औसत पैदावार लगभग 86.35 टन प्रति हेक्टेयर है, जबकि इसकी चीनी रिकवरी दर 13.97 प्रतिशत तक दर्ज की गई है। इसका सीधा लाभ किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ-साथ चीनी मिलों के उत्पादन में भी इजाफे के रूप में देखने को मिलेगा।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस किस्म को अन्य राज्यों में अनुमति मिलने से गन्ना उत्पादन को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय किसानों को परंपरागत किस्मों पर निर्भरता से राहत मिलेगी। साथ ही, इससे देश में चीनी उत्पादन को स्थिरता मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

कुल मिलाकर ‘बिस्मिल’ किस्म की खेती का दायरा बढ़ना गन्ना किसानों के लिए नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकता है, जिससे आने वाले समय में कृषि आय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

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