AI समिट में अर्धनग्न प्रदर्शन निंदनीय, यह मर्यादा के विपरीत: मदन राठौड़

 

अजमेर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिल्ली में आयोजित एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए अर्धनग्न प्रदर्शन पर कड़ी आपत्ति जताई है। अजमेर दौरे पर पहुंचे राठौड़ ने कहा कि इस तरह का प्रदर्शन न तो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप है और न ही सभ्य समाज को शोभा देता है। उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि जिनका नेतृत्व ही अनुशासनहीनता को बढ़ावा देता हो, उनके कार्यकर्ताओं से मर्यादित आचरण की अपेक्षा नहीं की जा सकती।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सेना पर सवाल उठाने और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले लोग राष्ट्रभक्ति की बात नहीं कर सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध की भी एक मर्यादा और सीमा होती है, जिसे पार करना स्वीकार्य नहीं है।

मदन राठौड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 28 फरवरी को अजमेर के कायड़ विश्राम स्थली में प्रस्तावित जनसभा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए शहर आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के हर राजस्थान दौरे में प्रदेश को विकास की नई सौगात मिलती है। चाहे बाड़मेर रिफाइनरी हो या सौर ऊर्जा परियोजनाएं, डबल इंजन सरकार ने विकास को नई गति दी है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी जैसी महत्वपूर्ण योजना भी केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से ही धरातल पर उतर सकी है।

कांग्रेस शासन पर निशाना साधते हुए राठौड़ ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार अपने कार्यकाल में राजनीतिक अस्थिरता और सरकार बचाने में ही उलझी रही, जिसके कारण प्रदेश में निवेश नहीं हो सका। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा किए गए पांच लाख रोजगार देने के वादे की दिशा में एक लाख युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसान, महिला, युवा और श्रमिक सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। नरेगा में रोजगार के दिनों को 100 से बढ़ाकर 125 किया गया है और समयबद्ध भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को ब्याज मुक्त ऋण, तारबंदी पर सब्सिडी और फसल विपणन की बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। अंत में राठौड़ ने पुष्कर में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में शामिल होने का उल्लेख करते हुए कहा कि वे समाज में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं।

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