जयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के राज्यारोहण दिवस को लेकर राजस्थान सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों में 28 फरवरी को महाराणा प्रताप का राज्यारोहण दिवस मनाया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
शिक्षा विभाग के अनुसार आयोजन इस तरह किया जाएगा कि कक्षा 5, 8, 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं प्रभावित न हों। कार्यक्रम मुख्य रूप से प्रार्थना सभा के दौरान आयोजित किए जाएंगे, जहां शिक्षक विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप के जीवन, उनके त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से जुड़े प्रेरक प्रसंगों की जानकारी देंगे। इस अवसर पर देशभक्ति गीत, महाराणा प्रताप की जीवनी पर आधारित प्रेरक कथाएं और विचार साझा किए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि बोर्ड परीक्षाओं के चलते आयोजन सीमित स्वरूप में होगा, लेकिन उद्देश्य स्पष्ट है कि विद्यार्थियों को महाराणा प्रताप के आदर्शों से परिचित कराया जाए। स्कूल स्तर पर निबंध लेखन, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद जैसी गतिविधियां कक्षा 3, 4, 6, 7, 9 और 11 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की जाएंगी, ताकि परीक्षा व्यवस्था एवं परीक्षा ड्यूटी में लगे शिक्षक प्रभावित न हों।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में चित्तौड़गढ़ में आयोजित राष्ट्रीय स्वदेशी मेले के दौरान स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने सांसद सीपी जोशी के नेतृत्व में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री से विद्यालयों में महाराणा प्रताप का राज्यारोहण दिवस मनाने की मांग की थी। इस मांग को स्वीकार करते हुए मंत्री मदन दिलावर ने प्रदेशभर में यह आयोजन करने की घोषणा की थी। सरकार का उद्देश्य है कि नई पीढ़ी महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा और आत्मसम्मान के मूल्यों को आत्मसात कर सके।
0 Comments