असम और केरलम चुनाव में राजस्थान कांग्रेस नेताओं का अहम रोल ,पांचों राज्यों में बजा चुनावी बिगुल

जयपुर में इन दिनों चुनावी सरगर्मी काफी है। पांच राज्यों में चुनाव का एलान होने के बाद कांग्रेस ने अपनी चालें और तेज कर दी हैं, खासकर असम और केरल में। यहां राजस्थान से कांग्रेस के बड़े नाम हैं—भंवर जितेन्द्र सिंह और सचिन पायलट। जितेन्द्र सिंह असम में पार्टी के प्रभारी हैं, और पायलट को केरल का सीनियर पर्यवेक्षक बनाया गया है। दोनों राज्यों में उनकी जिम्मेदारी साफ है, और उनकी मेहनत का असर भी चुनावी नतीजों पर दिखेगा।


अब बात बंगाल, असम, तमिलनाडु की—इन जगहों पर राजस्थान के प्रवासी वोटर्स भी असरदार हैं। इसी वजह से कांग्रेस ने वहां राजस्थान के कई नेताओं को लगाया है। चेन्नई में भी प्रवासी वोट बैंक झटका दे सकता है, तो कांग्रेस ने पूरी ताकत लगा दी है कि ये वोटर्स उसके साथ रहे।


सबसे ज्यादा नजर कांग्रेस की असम और केरल पर है। केरल में पार्टी को सरकार बनने की उम्मीद है, इसलिए सचिन पायलट को जिम्मेदारी दी गई है। वह वहां दौरे कर रहे हैं, प्रचार-प्रसार और रणनीति पर नजर रख रहे हैं, और सारी रिपोर्ट सीधे हाईकमान को भेज रहे हैं। उधर, राहुल गांधी असम चुनाव सीधे देख रहे हैं—जितेन्द्र सिंह को पूरी छूट मिली है।


असम और केरल के नतीजे, सच में, सचिन पायलट और जितेन्द्र सिंह के लिए सियासी तौर पर काफी अहम होंगे। अगर जीत होती है, तो दोनों की हैसियत बढ़ेगी। नतीजे उलटे आए तो जिम्मेदारी भी उन्हीं की होगी। सबकी नजर अब इसी पर टिकी है कि दोनों नेता कांग्रेस की उम्मीदों पर कितना खरे उतरते हैं। साथ ही, प्रवासी वोटर्स का फैसला क्या होगा, वो भी जल्दी सामने आएगा।

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