जयपुर | अलवर के समग्र विकास और पर्यटन को नई पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शनिवार को अलवर में बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में 8 फरवरी को प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय स्तर की अलवर टाइगर मैराथन के आयोजन और जिले के बहुआयामी विकास से जुड़े बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
बैठक के दौरान यह कहा गया कि अलवर को विकास, पर्यटन, खेल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में अग्रणी बनाने के लिए निरंतर और समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। जिले के विभिन्न वर्गों से प्राप्त सुझावों को इस दिशा में उपयोगी बताया गया और सभी हितधारकों की सहभागिता को आवश्यक बताया गया।
अलवर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर की अलवर टाइगर मैराथन आयोजित की जा रही है। इस आयोजन में देश-विदेश के नामी धावकों की भागीदारी प्रस्तावित है। आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन, सामाजिक संगठनों, उद्योग संघों, होटल एसोसिएशन और आम नागरिकों के सहयोग को अहम बताया गया। इसे पूरे जिले की मेजबानी के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक में जिले के सड़क और रेल नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए स्वीकृत कार्यों की प्रगति, डेयरी क्षेत्र के विस्तार, महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण, खेल सुविधाओं के विकास, ई-लाइब्रेरी जैसी नई पहलों, शहर की स्वच्छता और सौंदर्यकरण तथा नागरिक सुविधाओं में सुधार जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में प्राप्त सुझावों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ अलग से बैठक कर उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक गुणवत्ता, भौतिक संसाधनों और खेल सुविधाओं के विस्तार, ई-गुरूकुल जैसी पहलों पर चर्चा की गई। यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के साथ अन्य उपलब्ध फंड का उपयोग कर महाविद्यालयों में विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए महाविद्यालय विकास फंड के प्रभावी और पारदर्शी उपयोग के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारी, अर्धसैनिक बलों के अधिकारी, राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य, उद्योग संघ, होटल एसोसिएशन, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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